*हम आम लोग नहीं हैं*
> `“याह ने तो याकूब को अपने लिये चुना है, अर्थात इस्राएल को अपने निज धन होने के लिये चुन लिया है।” भजन संहिता 135:4`
हम सोचते हैं कि हम आम लोग हैं। जबकि ऊपर लिखे वचन में आपको परमेश्वर का निज धन कहा गया है और लिखा है कि परमेश्वर ने याकूब को अपने लिए चुना है।
निजी धन को कोई भी आम नहीं समझता, बल्कि संभालता है। चुराने से बचाता है। रखवाली करता है। ध्यान रखता है। इस दुनिया में लोग धन को निजी मानते हैं, लेकिन परमेश्वर आपको और मुझको निजी धन मानता है।
ये ख्याल अत्यंत उत्तम इसलिए है क्योंकि यदि आप उसके निजी धन हैं, तो आपकी रखवाली, देखभाल और आपको बचाना—ये सब परमेश्वर की जिम्मेदारी है। आप परमेश्वर की जिम्मेदारी पर हैं। क्योंकि आप उसका निजी धन हैं।
अपना धन बचाने के लिए लोग क्या से क्या कर गुजरते हैं। अपना धन छोड़ो, दूसरों का धन अपना करने के लिए भी लोग क्या से क्या करते हैं। लेकिन आप न तो दूसरे के थे, न खुद के, बल्कि परमेश्वर के थे। इसलिए उसने अपना धन बचाने के लिए, यानी आपको बचाने के लिए, अपने बेटे को दे दिया… _तीतुस 2:14 “जिस ने अपने आप को हमारे लिये दे दिया, कि हमें हर प्रकार के अधर्म से छुड़ा ले, और शुद्ध करके अपने लिये एक ऐसी जाति बना ले जो भले भले कामों में सरगर्म हो॥”_
इसलिए आप लोगों में लोग नहीं हैं, बल्कि आप लोगों से अलग लोग हैं। इसलिए कहीं भी मुँह नहीं मार सकते, कहीं भी नहीं खा सकते। कहीं भी नहीं रम सकते हैं। क्योंकि आप परमेश्वर का निज धन हैं।
आपको अधर्म से छुड़ाया गया है और शुद्ध किया गया है और एक ऐसी जाति बना लिया गया है जो भले-भले कामों में सरगर्म रहे।
मसीह में आपका भाई,
प्रेरित अशोक मार्टिन