*प्रभु का दिन से क्या आपको कोई लाभ है?*
> “हाय तुम पर, जो यहोवा के दिन की अभिलाषा करते हो! यहोवा के दिन से तुम्हारा क्या लाभ होगा?” — आमोस 5:18
बहुत से लोग प्रभु के दिन की प्रतीक्षा करते हैं। आप मसीह के पुनः आगमन, धार्मिकता की विजय और बुराई के अंत के लिए प्रार्थना करते होंगे। परन्तु परमेश्वर आपसे एक गंभीर प्रश्न पूछता है: _“यहोवा के दिन से तुम्हारा क्या लाभ होगा?”_ आप उस दिन की अभिलाषा क्यों करते हैं? आप उससे अपने जीवन में क्या होने की आशा रखते हैं?
इस्राएल के लोग प्रभु के दिन की बड़ी उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहे थे। उन्हें विश्वास था कि वह दिन उनकी विजय और प्रतिष्ठा का दिन होगा। परन्तु परमेश्वर ने घोषित किया कि उनके लिए वह “उजियाले का नहीं, अन्धियारे का दिन” होगा। वे परमेश्वर के हस्तक्षेप की इच्छा रखते थे, परन्तु अपने जीवन की जाँच नहीं चाहते थे। वे दूसरों पर न्याय चाहते थे, पर स्वयं पश्चाताप नहीं करना चाहते थे।
उनका सबसे बड़ा खतरा केवल उनका पाप नहीं था, बल्कि उनका झूठा आत्मविश्वास था। वे सोचते थे कि धार्मिक होने के कारण वे तैयार हैं। किन्तु बाहरी आराधना उनके भीतर की अवज्ञा को छिपा नहीं सकती थी। प्रभु का दिन केवल परमेश्वर की महिमा को प्रकट नहीं करेगा; वह आपके हृदय की वास्तविक दशा को भी प्रकट करेगा। उस दिन न प्रतिष्ठा का कोई महत्व होगा, न धार्मिक गतिविधियों का। महत्व केवल इस बात का होगा कि क्या आपने वास्तव में परमेश्वर के साथ चलना सीखा था।
जो लोग प्रभु को जानते हैं और उनकी आज्ञा का पालन करते हैं, उनके लिए वह दिन प्रकाश का दिन होगा। परन्तु जो केवल परमेश्वर की कृपा का अनुमान लगाकर निश्चिंत बैठे हैं, उनके लिए वह अन्धकार का दिन होगा। इसलिए प्रभु के दिन की तैयारी का सबसे बुद्धिमानी भरा तरीका उसके समय के बारे में अनुमान लगाना नहीं, बल्कि ऐसा जीवन जीना है कि यदि वह आज ही आ जाए, तो आप उसका आनंद और हर्ष के साथ स्वागत कर सकें।
मसीह में आपका भाई,
प्रेरित अशोक मार्टिन