दैनिक रोटी // शनिवार // 20 जनवरी 2024
सारे दशमांश भण्डार में ले आओ कि मेरे भवन में भोजनवस्तु रहे; और सेनाओं का यहोवा यह कहता है, कि ऐसा कर के मुझे परखो कि मैं आकाश के झरोखे तुम्हारे लिये खोल कर तुम्हारे ऊपर अपरम्पार आशीष की वर्षा करता हूं कि नहीं – मलाकी 3:10
यदि आप परमेश्वर का दशमांश और भेंट चुराते हैं, तो आगे चल के आप ही नुकसान में रहेंगे। परमेश्वर बस आपकी आज्ञाकारिता के इंतजार में है; यदि आप अपनी आय उसे समर्पित कर देंगे, तो संभवतः आप अपने जीवन के अन्य क्षेत्रों को भी सौंप पायेंगे।
इसके अलावा, हमारे दशमांश का न चुकाना हमारे जीवनों में दुश्मन के लिए द्वार खुल सकता है। नीतिवचन 26:2 कहता है, “व्यर्थ शाप नहीं लगता।” दूसरे शब्दों में, कोई ना कोई कारण होता ही है जिससे दुश्मन समझता है कि उसे भीतर आने और चीजों को बिगाड़ने का अधिकार है। अपना दशमांश देना और अपनी भेंट देना ही परमेश्वर को “आपके लिए आकाश के झरोखे खोलने” के अपने वादे को पूरा करने के लिए प्रेरित करने का एकमात्र वचन-अनुसार तरीका है।
यदि आपने परमेश्वर के घर में प्रबंध के लिए दशमांश और भेंट लाकर वचन का पालन किया है। तो आज ही आप आपके घराने के लिए वचन अनुसार वायदों की घोषणा करे। और महान कार्यो की अपेक्षा करें:
मैं घोषणा करता हूं कि आकाश के झरोखे खोले जा रहे हैं। आशीषें बरसाई जा रही हैं— इतना की आप उन्हें समा नहीं सकेंगे ! आप निश्चय ही पुकार उठेंगे, “बस बहुत हुआ! बस बहुत हुआ!” परमेश्वर ने आप ही आपके लिये विनाशक को फटकारा है।
मसीह में आपका भाई,
प्रेरित अशोक मार्टिन
सारे दशमांश भण्डार में ले आओ कि मेरे भवन में भोजनवस्तु रहे; और सेनाओं का यहोवा यह कहता है, कि ऐसा कर के मुझे परखो कि मैं आकाश के झरोखे तुम्हारे लिये खोल कर तुम्हारे ऊपर अपरम्पार आशीष की वर्षा करता हूं कि नहीं – मलाकी 3:10
यदि आप परमेश्वर का दशमांश और भेंट चुराते हैं, तो आगे चल के आप ही नुकसान में रहेंगे। परमेश्वर बस आपकी आज्ञाकारिता के इंतजार में है; यदि आप अपनी आय उसे समर्पित कर देंगे, तो संभवतः आप अपने जीवन के अन्य क्षेत्रों को भी सौंप पायेंगे।
इसके अलावा, हमारे दशमांश का न चुकाना हमारे जीवनों में दुश्मन के लिए द्वार खुल सकता है। नीतिवचन 26:2 कहता है, “व्यर्थ शाप नहीं लगता।” दूसरे शब्दों में, कोई ना कोई कारण होता ही है जिससे दुश्मन समझता है कि उसे भीतर आने और चीजों को बिगाड़ने का अधिकार है। अपना दशमांश देना और अपनी भेंट देना ही परमेश्वर को “आपके लिए आकाश के झरोखे खोलने” के अपने वादे को पूरा करने के लिए प्रेरित करने का एकमात्र वचन-अनुसार तरीका है।
यदि आपने परमेश्वर के घर में प्रबंध के लिए दशमांश और भेंट लाकर वचन का पालन किया है। तो आज ही आप आपके घराने के लिए वचन अनुसार वायदों की घोषणा करे। और महान कार्यो की अपेक्षा करें:
मैं घोषणा करता हूं कि आकाश के झरोखे खोले जा रहे हैं। आशीषें बरसाई जा रही हैं— इतना की आप उन्हें समा नहीं सकेंगे ! आप निश्चय ही पुकार उठेंगे, “बस बहुत हुआ! बस बहुत हुआ!” परमेश्वर ने आप ही आपके लिये विनाशक को फटकारा है।
मसीह में आपका भाई,
प्रेरित अशोक मार्टिन