*अब्राहम की आशीष*
> “और यदि तुम मसीह के हो, तो अब्राहम के वंश और प्रतिज्ञा के अनुसार वारिस हो।” — गलातियों 3:29 KJV
अब्राहम की आशीष केवल भौतिक समृद्धि नहीं थी; यह परमेश्वर की ओर से दी गई वाचा की आशीष थी, जिसमें उसकी उपस्थिति, उसकी प्रतिज्ञा, फलवन्तता, विरासत और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उद्देश्य शामिल था।
परमेश्वर ने अब्राहम से कहा: “मैं तुझे आशीष दूंगा… और तू आशीष का मूल होगा।” (उत्पत्ति 12:2) अब्राहम केवल आशीष पाने के लिए नहीं, बल्कि आशीष बनने के लिए आशीषित हुआ था।
इस वाचा में भूमि की विरासत भी शामिल थी: “जितनी भूमि तुझे दिखाई देती है, वह सब मैं तुझे और तेरे वंश को सदा के लिए दूंगा।” (उत्पत्ति 13:15 KJV)
जब इसहाक ने याकूब को आशीष दी, तो उसने विशेष रूप से कहा: “परमेश्वर… तुझे अब्राहम की आशीष दे… कि तू उस देश का अधिकारी हो जाए।” (उत्पत्ति 28:3–4 ) इसलिए अब्राहम की आशीष सीधे वाचा, वंश और विरासत से जुड़ी थी।
याकूब को विरासत प्राप्त करने से पहले ही उसकी प्रतिज्ञा मिल गई। परमेश्वर ने उससे कहा: “जिस भूमि पर तू लेटा है, उसे मैं तुझे और तेरे वंश को दूंगा।” (उत्पत्ति 28:13) अर्थात् परमेश्वर की प्रतिज्ञा, उसके पूरा होने से पहले आती है।
अंततः अब्राहम की आशीष की पूर्णता यीशु मसीह में होती है: “कि अब्राहम की आशीष मसीह यीशु में अन्यजातियों तक पहुँचे।” (गलातियों 3:14)
अब्राहम की आशीष वाचा, विश्वास, विरासत, परमेश्वर की उपस्थिति और पीढ़ियों तक चलने वाले उद्देश्य की आशीष है—और इसकी पूर्णता अंततः मसीह में है।
मसीह में आपका भाई ,
प्रेरित अशोक मार्टिन