*दान देकर प्रभु का आदर करो!*

`अपनी सम्पत्ति के द्वारा और अपनी भूमि की सारी पहली उपज देकर यहोवा की प्रतिष्ठा करना। नीतिवचन 3:9`
कलीसिया की पारंपरिक शिक्षाओं में से एक है ‘बलि देना’। एक ऐसा किस्म का देना- जिसमे आपको समय-समय पर त्याग करना चाहिए, कुछ सुविधाओं के बिना रहना चाहिए, कटौती करनी चाहिए और अपने आप को सीमित करना चाहिए ताकि आपके पास परमेश्वर को देने के लिए कुछ हो सके। यह ग़लत विचार है -हमारे समय के पारंपरिक कलीसिया में यह प्रक्रिया पूरे जोरों पर है।
‘बलि कर के देना’ नहीं बल्कि ‘विश्वास से देना’ -परमेश्वर के राज्य में मायने रखता है। हमेशा विश्वास रखें कि आप जो दे रहे है , निश्चित रूप से उस से कई गुना अधिक वृद्धि प्राप्त करेंगे । खुशी से बोने के बाद फसल के लिए परमेश्वर के वादे पर विश्वास रखें।परमेश्वर से बढ़ौतरी और उसके वादों के अनुसार बहोतायत कि लिए विश्वास करे।
आपको अपनी जीवनशैली को अत्यधिक नीचा करने की आवश्यकता नहीं है कि, आप परमेश्वर को अपनी आय का 90 प्रतिशत दे, और जो दस प्रतिशत आय बची है उसमें सब कुछ प्रबंध करने का तरीका ढूंढते फिरे। हालाँकि, यदि आप परमेश्वर को समृद्ध और उदार मानते हैं, तो आप स्वेच्छा से अपने धन का बीज बोएंगे, एक भरपूर फसल की उम्मीद करेंगे जिसके चलते आपकी सैकड़ों और हजारों गुना कमाई होगी। इस तरह आप परमेश्वर को किसी मनुष्य के मन की समझ से कहीं अधिक देंगे।
मसीहा में आपका भाई,
प्रेरित अशोक मार्टिन