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अपने भीतर के मनुष्य पर काम करें!

बुधवार // 18 दिसंबर 2024

अपने भीतर के मनुष्य पर काम करें!

यहूदी वही है, जो मन में है; और खतना वही है, जो हृदय का और आत्मा में है; न कि लेख का: ऐसे की प्रशंसा मनुष्यों की ओर से नहीं, परन्तु परमेश्वर की ओर से होती है। रोमियों 2:29

यीशु ने अपने शिष्यों को बहुत कम धर्मशास्त्र पढ़ाया। क्या आपने इस पर ध्यान दिया है? उन्होंने ज़्यादातर चरित्र परिवर्तन, परमेश्वर को जानने, परमेश्वर के राज्य की बातें और राजा (स्वयं) का अनुसरण करने के बारे में बात की।

आप बाइबल को जाननेवाले हो सकते हैं और फिर भी परमेश्वर को नहीं जानते। यीशु के दिनों में यरूशलेम में फरीसियों, सदूकियों, शास्त्रियों और बुजुर्गों को देखें। ये लोग परमेश्वर को जानने-समझने से ज्यादा धर्मशास्त्र के बारे में से ज़्यादा जानते थे। शास्त्रों के बारे में उनका ज्ञान आज के ज़्यादातर विद्वानों से कहीं ज़्यादा था, फिर भी जब जीवित परमेश्वर उनके सामने खड़ा था, तो उन्होंने उसे नहीं पहचाना। दिलचस्प बात यह है कि यीशु ने कहा कि भले ही सदूकियों ने शास्त्रों को बुद्धि से समझा था, लेकिन वे उन्हें समझ नहीं पाए। तुम पवित्र शास्त्र और परमेश्वर की सामर्थ नहीं जानते। मती 22:29

यह भी संभव है कि बाइबल प्रतियोगिता में व्यक्ति एक नंबर प्राप्त करे, लेकिन फिर भी यीशु को पहचानने में असफल हो। परमेश्वर को जानते में बौद्धिक ज्ञान और इच्छाशक्ति के साधनों का उपयोग करना अपर्याप्त है। परमेश्वर के कार्य में उनका उपयोग करना प्लास्टिक के चम्मच से नहर खोदने जैसा है। नीकुदेमुस उन धार्मिक नेताओं, प्रोफेसरों और शिक्षकों की संख्या में अकेला नहीं है जो परमेश्वर की बातों को बाएं या दाएं दिमाग में प्रसारित करते हैं।

मनुष्य की आत्मा हमारा सबसे गहरा हिस्सा है। बाइबल इसे “प्रभु का दीपक” (नीतिवचन 20:27) कहती है। यह परमेश्वर की आत्मा का निवास स्थान है। जो व्यक्ति दिमाग की मेहनत करता है, उच्च भाषा, भारी विचारों और दार्शनिक शब्दजाल का उपयोग करता है, वह उस व्यक्ति से पूरी तरह अलग स्तर पर काम करता है जो परमेश्वर की आत्मा से बोलता है और “हृदय के छिपे हुए व्यक्ति” के ऊपर मेहनत करता है।

बुद्धि पर काम करना आपकी याददाश्त से आगे नहीं बढ़ेगा। भावनाओं पर काम करना केवल तब तक चलेगा जब तक भावनात्मक अनुभव जारी रहेगा। लेकिन हृदय पर काम करने से परिवर्तन होता है। मानवीय आत्मा की सेवा करने से आत्मा सशक्त होती है और साथ ही शिक्षित भी होती है।

मसीह में आपका भाई,
प्रेरित अशोक मार्टिन

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