सोमवार / 4 नवंबर 2024

*आपके अंदर परमेश्वर की महिमा है* !
*वह महिमा जो तू ने मुझे दी, मैं ने उन्हें दी है कि वे वैसे ही एक हों जैसे की हम एक हैं।*
*यूहन्ना 17:22*
बहुत पहले मूसा ने परमेश्वर से अनुरोध किया था, “मुझे अपनी महिमा दिखाओ!” (निर्गमन 33:18)। परमेश्वर की महिमा को देखना स्वयं परमेश्वर को देखना है। ऐसा लग रहा था जैसे मूसा कह रहा हो, “मुझे आपको वैसा ही देखना है जैसे आप वास्तव में हो।” किसी अन्य प्रार्थना की तुलना इस प्रार्थना से नही की जा सकती। परमेश्वर की महिमा क्या है?? परमेश्वर की महिमा परमेश्वर की शक्ति है + उसकी बुद्धि + उसका न्याय + उसकी दया + उसकी प्रज्ञा + उसकी पवित्रता + उसका प्रेम + उसके चरित्र का हर गुण है। परमेश्वर की महिमा, परमेश्वर के अस्तित्व का सार है।
परमेश्वर ने अब ये महिमा हमें दे दी है! हमें दुनिया की नींव रखने से पहले ही चुना गया था और अलग कर दिया गया था कि हम “बुलाए गए” लोगों में से हो। और जिन्हें परमेश्वर ने अपना होने के लिए बुलाया है, उन्हें उसने धर्मी ठहराया और दोष तथा पाप से मुक्त घोषित किया। और इस धर्मी ठहराए जाने का उद्देश्य यह है 👉 कि वह हमें अपनी महिमा दे और हमें स्वर्गीय गरिमा तक बढ़ाए। [रोमियों 8:30]। हम परमेश्वर की शाश्वत योजना में थे क्योंकि वह हममें है और हमारे माध्यम से अपनी महिमा प्रकट करना चाहता था [रोमियों 9:23]
परमेश्वर हम लोगों के बदले हुए जीवन के माध्यम से महिमावान होता है जिन्होंने यीशु को अपने प्रभु और उद्धारकर्ता के रूप में स्वीकार किया है और जिन्होंने अपने आप को परमेश्वर के उद्देश्य के लिए अलग कर लिया है [2 थिस्सलुनीकियों 1:10]। परमेश्वर की महिमा अब हमारे साथ नहीं बल्कि वह हमारे अंदर है और हमारे माध्यम से प्रकट होती है। हलेलुयाह 🙌
मसीह में आपका भाई,
प्रेरित अशोक मार्टिन