*स्व-धार्मिकता से सावधान रहें*

*इसलिए जो कोई सोचता है कि वह स्थिर है, वह सावधान रहे कि कहीं गिर न जाए।*
*1 कुरिन्थियों 10:12*
बाइबल में वर्णित धार्मिकता और *स्वयं की धार्मिकता* के बीच बहुत बड़ा अंतर है। स्वयं की धार्मिकता दूसरों के प्रति अपवित्र, पाखंडी जैसा न्यायपूर्ण रवैया है जो इस गलत विचार पर आधारित है 👉 कि आप उनसे बेहतर और पवित्र हैं। यह मसीहियों के बीच एक संक्रामक बीमारी के समान है। इसका एकमात्र उपाय है यीशु मसीह के साथ आमना सामना, जो दया और अनुग्रह के भंडार है।
क्या आप जानते है कि यीशु ने सबसे अधिक करुणा किसके प्रति दिखाई? ये वे लोग हैं जो सभी प्रकार के पाप
में पड़े हुए थे, जैसे वेश्याएं, व्यभिचारी, कर वसूलनेवाले और चोर। आज हम मान तो लेते है कि यीशु ने सच में पापियों की तुलना में स्वयं की धार्मिकता दिखानेवाले लोगों के साथ अधिक कठोर व्यवहार किया। लेकिन फिर भी हम कभी-कभी इस बात को अपने ऊपर लागू करने में हार जाते हैं।
यीशु मसीह कल, आज और हमेशा एक रूप है। इसलिए धोखा न खाएँ: अच्छे कामों को करके आत्म-संतुष्टि मेहसूस करके खुद को दूसरों से ज्यादा धर्मी जाननेवाले लोगों ने हमारे प्रभु को सबसे ज़्यादा क्रोधित किया। परमेश्वर के सेवक के रूप में, अपने दिल की सुरक्षा के खिलाफ काम करनेवाले वाले सबसे खतरनाक शत्रुओं में से एक है 👉 *स्वयं की धार्मिकता*। संसार में केवल एक ही व्यक्ति है जिसे *स्वयं की धार्मिकता* पर घमंड करने का अधिकार है, और वह खुद एसा नहीं करता है। इसलिए यीशु से अपना सीखें। घमण्डियों के संग लूट बांट लेने से, दीन लोगों के संग नम्र भाव से रहना उत्तम है। (नीतिवचन 16:18)
मसीह में आपका भाई,
प्रेरित अशोक मार्टिन