
*अपने पहले प्रेम को स्मरण करो*
> “यरूशलेम में पुकार कर यह सुना दे, यहोवा यह कहता है, तेरी जवानी का स्नेह और तेरे विवाह के समय का प्रेम मुझे स्मरण आता है कि तू कैसे जंगल में मेरे पीछे पीछे चली जहां भूमि जोती-बोई न गई थी।” — यिर्मयाह 2:2
यहोवा वर्तमान पाप को डाँटने से पहले पहले प्रेम को स्मरण करता है। वह उस भक्ति को याद करता है जो बिना किसी माँग के मरुभूमि में उसके पीछे चली। परन्तु परमेश्वर के प्रिय जन ने महिमा को छोड़कर व्यर्थता को चुन लिया।
उन्होंने जीवन के जल के सोते को छोड़कर टूटे हुए हौद बना लिए। प्रेम आदत में बदल गया, वाचा सुविधा में। विश्वास शब्दों में रहा, पर हृदय दूर भटक गया। आज्ञाकारिता रीति बन गई, और निष्ठा बँट गई।
यहोवा पूछता है, “तुमने मुझ में कौन-सी बुराई पाई?”—और स्वर्ग मौन रह जाता है। यह वचन हर उस आत्मा को चुनौती देता है जो प्रेम के बिना सेवा करती है। लौटना पैरों की चाल नहीं, हृदय का जागना है। मन-फिराव परमेश्वर कि लौटने से आरम्भ होता है। आज अपने प्रेम की जाँच करो—क्या आप परमेश्वर का अनुसरण जंगल में भी करते हो, या केवल समृद्धि में?
मसीह में आपका भाई,
प्रेरित अशोक मार्टिन
*आज पढ़ने का वचन:* यिर्मयाह 2