ASHOK MARTIN MINISTRIES

मसीह केंद्रित जीवन !

शनिवार // 16 नवंबर 2024

मसीह केंद्रित जीवन !

> मैं मसीह के साथ क्रूस पर चढ़ाया गया हूं, और अब मैं जीवित न रहा, पर मसीह मुझ में जीवित है: और मैं शरीर में अब जो जीवित हूं तो केवल उस विश्वास से जीवित हूं, जो परमेश्वर के पुत्र पर है, जिस ने मुझ से प्रेम किया, और मेरे लिये अपने आप को दे दिया। गलातियों 2:20

यीशु मसीह पौलुस के दिल में घर कर चुके थे। वह आत्मा से भरा हुआ व्यक्ति था, जो आत्मा मसीह की है। परंतु, हममें से कई लोग परमेश्वर की ओर से मिलनेवाली चीजों से आकर्षित हैं, लेकिन यीशु से नहीं। विश्वासियों और अविश्वासियों दोनों को यीशु के प्रकाशन की आवश्यकता है जो हृदय को चकित कर दे और उसे विस्मय में डाल दे।

हमारा मिशन लोगों को यीशु मसीह से भरना है ताकि जो लोग हमें सुनते हैं वे परमेश्वर की महिमा में डूब जाएँ। यह मसीह और केवल मसीह ही है जो हृदय को जीत लेता है। इस कारण, जब आप उसका अनुसरण करते हैं, तो आपको परमेश्वर के लोगों को अधिक समर्पित या अनुशासित होने के लिए कहने की आवश्यकता नहीं होती है। यदि आप यीशु को ऐसे प्रकट करते हैं जैसे लोगों ने पहले कभी नहीं देखा या सुना है तो वे आपके माध्यम से उसकी एक नई झलक पाते हैं, और स्वयं ही और ज्यादा समर्पित और अनुशासित हो जाते हैं।

जब परमेश्वर के लोग प्रवचन और अनुभव से संतृप्त हो जाते हैं, तो उनके अंदर स्वतंत्रता पाने की इच्छा जागने लगती है। गलातियों की पुस्तक तर्क देती है कि जब हम नियमों का पालन करना शुरू करते हैं, तब हम अपने शरीर के अनुसार जीने लगते हैं। मसीह के प्रकाशन के बिना, हम हमेशा कानूनवाद की ओर लौटेंगे।

इसलिए, आइए हम परमेश्वर के पुत्र को प्यार करे। यीशु पर भरोसा करके विश्वास का जीवन जियें, जिसने हमसे प्यार किया और हमारे लिए खुद को दे दिया।

मसीह में आपका भाई,
प्रेरित अशोक मार्टिन

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top
Call Now Button