ASHOK MARTIN MINISTRIES

“जब परमेश्वर आपको हर भय से ऊपर उठा देता है”


DAY 23 —

“जब परमेश्वर आपको हर भय से ऊपर उठा देता है”

> “यहोवा मेरा बल और मेरी ढाल है; मेरा हृदय उस पर भरोसा रखता है, और वह मेरी सहायता करता है।” — भजन 28:7

आज का वचन हमें उस परमेश्वर पर गहरा भरोसा रखने के लिए निमंत्रित करता है जो कभी असफल नहीं होता। लैव्यव्यवस्था 8–11 हमें दिखाती है कि उसकी आज्ञाएँ हमें उसकी उपस्थिति के लिए तैयार भी करती हैं और सुरक्षित भी रखती हैं।

अय्यूब 25–28 यह स्मरण कराता है कि मानव बुद्धि की सीमा है, परन्तु परमेश्वर की बुद्धि हर कदम पर हमारा मार्गदर्शन करती है।

यशायाह 1–4 यह आश्वासन देता है कि हमारी टूटन और असफलताओं के बीच भी परमेश्वर शुद्धता और खोई हुई सुंदरता को वापस  प्रदान करता है—वह उस वस्तु को भी नया कर सकता है जो पूरी तरह बिगड़ी हुई  प्रतीत होती है।

लूका 1 प्रमाण है कि परमेश्वर अपनी प्रतिज्ञाओं को स्मरण रखता है और उन हृदयों में चमत्कार करता है जो बस विश्वास करते हैं।

1 कुरिन्थियों 16 से लेकर 2 कुरिन्थियों 1 तक हम “सब प्रकार की शान्ति और शान्त्वना देने वाले परमेश्वर” को देखते हैं, जो हर संकट में हमें सामर्थ प्रदान करता है और मसीह में अपनी हर प्रतिज्ञा को पूरा करता है।

आज के वचनों को पढ़ते हुए इस सत्य को अपने भीतर गहरे बिठाएँ: परमेश्वर पर भरोसा आपको भय से ऊपर उठाता है, आपके हृदय को दृढ़ करता है, और आपके जीवन में उसके महान कार्यों के द्वार खोलता है।

आपका मसीह में भाई,

Apostle Ashok Martin

आज का पाठ:

1️⃣ लैव्यव्यवस्था 8–11

2️⃣ अय्यूब 25–28

3️⃣ यशायाह 1–4

4️⃣ लूका 1

5️⃣ 1 कुरिन्थियों 16 – 2 कुरिन्थियों 1

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