*परमेश्वर आपके द्वारा दिखाए गए भातृ प्रेम को कभी नज़रअंदाज़ नहीं करेंगे!*

`क्योंकि परमेश्वर अन्यायी नहीं, कि तुम्हारे काम, और उस प्रेम को भूल जाए, जो तुम ने उसके नाम के लिये इस रीति से दिखाया, कि पवित्र लोगों की सेवा की, और कर भी रहे हो। इब्रानियों 6:10`
प्रेम व्यावहारिक होना चाहिए, और कभी-कभी यह हमारे लिए महंगा होगा – 1 यूहन्ना 3:16 में प्रेरित यूहन्ना कहते हैं- “हम ने प्रेम इसी से जाना, कि उस ने हमारे लिये अपने प्राण दे दिए; और हमें भी भाइयों के लिये प्राण देना चाहिए।”
परमेश्वर हमारा न्याय केवल हमारी बातों और हमारे इरादों, और हमने दूसरों को क्या सिखाया है उसके अनुसार ही नहीं, बल्कि हमने क्या किया है और क्या नहीं किया है, इस आधार पर भी करेगा । कर्म विश्वास की असलियत को साबित करता हैं, और कर्म के बिना विश्वास मरा हुआ है। परमेश्वर की संतानो के भले काम उनके उद्धार का कारण नहीं, बल्कि इस बात का सबूत और गावह है के उनका उद्धार हुआ है ।
जो विश्वास अच्छे और भले कार्य उत्पन्न नहीं करता , उस विश्वास के जन्म से ही उस में भले काम नहीं होते। ऐसा विश्वास एक लाश की तरह बेजान, निष्क्रिय और जल्द ही डूब जाने वाला होता है। क्या हमारा विश्वास क्रियाशील है ? क्या हमारा विश्वास परमेश्वर के लिए फल उत्पन्न कर रहा है? यदि नहीं, तो हमे दुष्टात्माओं की तरह थरथराना और कांपना चाहिए, हमें पश्चाताप कर के अपने पूरे हृदय से परमेश्वर की और लौट आना चाहिए।
अपने अन्दर से हर एक स्वार्थ, आत्मसंतुष्टि और असुरक्षा की बात के विरुद्ध आयें, और जो आपको परमेश्वर के पवित्र लोगों के साथ साझा करने और उनकी देखभाल करने में सीमित करता है। परमेश्वर से अनुग्रह ग्रहण करें कि नि:स्वार्थ रूप से मिलनसार रह पायें और पुरुस्कार पाने की आशा उसी से रखें। यीशु के नाम पर। आमेन।
मसीह में आपका भाई,
प्रेरित अशोक मार्टिन