ASHOK MARTIN MINISTRIES

आज्ञाकारिता चुनें!

*आज्ञाकारिता चुनें!*

`मैं निर्दोष आचरण पर ध्‍यान दूंगा,`
`प्रभु, तू मेरे पास कब आएगा?`
`मैं अपने घर के भीतर शुद्ध हृदय से आचरण करूंगा`
`भजन 101:2`

परमेश्वर दाऊद को _“अपने मन के अनुसार मनुष्य”_ के रूप में संदर्भित करता है (1 शमूएल 13:14; प्रेरितों के काम 13:22)। यह वर्णन परमेश्वर की आज्ञाओं और विधियों का पालन करने के दाऊद के पहले के चुनावों के कारण होता है, ऐसे चुनाव जिनके परिणामस्वरूप न केवल वह खुद ब्लकि वह पूरे इस्राएल राष्ट्र के लिए आशीर्वाद का कारण बना। लेकिन उसके जीवन में हम परमेश्वर की आज्ञाओं के विरुद्ध जाने के कई इलाके भी देखते हैं। ऐसे आदेश जिनसे वह बहुत अच्छी तरह परिचित था। दाऊद उस समय भी परमेश्वर के वचन का पालन करना चुन सकता था, लेकिन इसके बजाय उसने ऐसे मार्ग पर चलना चुना जो उसे और भी अधिक खतरे में ले गया।

युद्ध के दौरान घर पर रहने का एक प्रतीत होता है। एसा एक महत्वहीन विकल्प उसे एक पड़ोसी की पत्नी की लालसा करने में ले गया, जिसके परिणामस्वरूप व्यभिचार और हत्या हुई। दाऊद के कार्य प्रभु की दृष्टि में बुरे थे। आपके बारे में क्या? क्या आप परमेश्वर के हृदय के अनुसार पुरुष या स्त्री के रूप में जाने जाते हैं, या आपने प्रभु की दृष्टि में बुरे कार्य किए हैं? क्या आप परमेश्वर के वचन के आधार पर या अपनी इच्छाओं के आधार पर चुनाव कर रहे हैं? यह जान लें: आप अभी भी परमेश्वर के वचन का अनुसरण करने का चुनाव कर सकते हैं और उस मार्ग से हट सकते हैं जो विपत्ति की ओर ले जाता है।

मसीह में आपका भाई,
प्रेरित अशोक मार्टिन

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