ASHOK MARTIN MINISTRIES

सुधार स्वीकार करना सीखें!*

शुक्रवार // 25 अक्टूबर 2024

*सुधार स्वीकार करना सीखें!*

 

*मेरे साथी भाइयों, तुममें से बहुत से लोगों को शिक्षक नहीं बनना चाहिए, क्योंकि तुम जानते हो कि हम जो सिखाते हैं, उनका न्याय अधिक कठोरता से किया जाएगा।*

*याकूब 3:1*

 

सुधार और फटकार कई बार दर्दनाक होती है। लेकिन अगर आप सुधार को बर्दाश्त नहीं कर सकते, तो आपको परमेश्वर के काम से कोई लेना देना नहीं है। और यदि आप ऐसे हैं तो आप एक खतरनाक इंसान हैं, जो परमेश्वर के लोगों और अविश्वासियों दोनों के लिए खतरनाक है।

 

प्रभु के प्रभावी सेवक के पास मज़बूत परामर्श और राय होती है। फिर भी वह उस क्षेत्र मे भी सुधार के लिए पूरी तरह से खुला रहता है जिस पर वह विश्वास करता है या सिखाता है। विनम्रता परमेश्वर के काम का पहला सिद्धांत है। बिना नाराज हुए सुधार को सुनने की क्षमता का होना इसकी प्रमुख पहचान है। 

 

वे अपना बचाव नहीं करते, अपनी सफाई नहीं देते, या तर्कसंगत नहीं बनाते। वे मुद्दे को बेहतर ढंग से समझने के लिए सवाल पूछते हैं। जो व्यक्ति सबसे ज़्यादा सुनता है, वह कमरे में सबसे परिपक्व व्यक्ति होता है।  वे इस बात से अच्छी तरह वाकिफ हैं कि उनमें कुछ कमियाँ हो सकती हैं। वे सुधार को व्यक्तिगत हमले के रूप में नहीं लेते (भले ही वह व्यक्तिगत हमला ही क्यों न हो)। वे इसे व्यक्तिगत रूप से नहीं लेते। वे नाराज़ होने से इनकार करते हैं।

 

मसीह में आपका भाई,

प्रेरित अशोक मार्टिन



Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top
Call Now Button