सोमवार // 2 सितंबर 2024
तुम्हारा दुश्मन तुम्हारे प्रभु से डरता है!
उस क्रूस पर येशु मसीह ने खुद को हर आत्मिक शासकों और अधिकारियों की शक्ति से मुक्त कर लिया; उसने शैतान को अपने विजय जुलूस में बंदी बनाकर उसका खुल्लमखुल्ला तमाशा बनाया।
कुलुस्सियों 2:15 GNT
एक मसीही को “दुष्ट” के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करने के लिए कवच की आवश्यकता होती है। पौलुस विश्वासियों को सिखाता है कि दुष्ट के खिलाफ़ खड़े होने के लिए परमेश्वर के कवच को धारण करें (इफिसियों 6:13)। यीशु ने स्वयं जब प्रार्थना करना सिखाई तब उन्होने इस बात को शामिल किया “हमें दुष्ट से बचा” (मत्ती 6:13)। फिर एक बार अपने शिष्यों के लिए प्रार्थना करते समय कहा पिता से कि “उन्हें दुष्ट से बचा” (यूहन्ना 17:15)।
असलियत में युद्ध परमेश्वर और शैतान के बीच कोई संघर्ष की बात नहीं है कयोंकि निश्चित रूप से इन दोनों शक्ति में कोई समानता नहीं हैं । इसके बजाय, हम इस युद्ध को शैतान के प्रयासों के रूप में परिभाषित करते हैं जो वो तीन बुनियादी बातों के कारण करता है। जिसमे से पहला यह कि परमेश्वर और उसके पुत्र में विश्वासियों के विश्वास को नष्ट किया जाए, ताकि वे विश्वास को त्याग दें। दूसरा की भ्रामक शिक्षा या अपने स्वयं के पाप के कारण विश्वासियों को बहकाना, ताकि वे सत्य के बजाय झूठ पर विश्वास करें। और तीसरा ये की अविश्वासियों को सुसमाचार की स्पष्ट प्रस्तुति सुनने से रोका जाए, ताकि वे शैतान के अंधकार के साम्राज्य में बने रहें।
शैतान के पास वास्तविक शक्ति है, जिसको जानना मसीहियों के लिए बुद्धिमानी होगी। मसीह के लिए शैतान वास्तविक व्यक्ति था। उसने उसके व्यक्तित्व को पहचाना, उसकी शक्ति को महसूस किया, उसके चरित्र से घृणा की, और उसके राज्य के खिलाफ युद्ध किया। लेकिन क्योंकि शैतान एक सृजित प्राणी है जो किसी भी तरह से परमेश्वर के बराबर नहीं है, इसलिए उसका प्रभाव सीमित है। क्रूस के माध्यम से, मसीह ने शैतान की शक्ति को निरस्त्र कर दिया और इस तरह हर विश्वासी के लिए जीत सुनिश्चित है। हलेलुयाह!
मसीह में आपका भाई,
प्रेरित अशोक मार्टिन
Plz mujhe bacha lijie ma jina chahta hu àpostle ji