ASHOK MARTIN MINISTRIES

अपनी स्वतंत्रता को जिम्मेदारी से उपयोग करें!

मंगलवार // 19 मार्च 2024

 

अपनी स्वतंत्रता को जिम्मेदारी से उपयोग करें!

परन्तु चौकस रहो, ऐसा न हो, कि तुम्हारी यह स्वतंत्रता कहीं निर्बलों के लिये ठोकर का कारण हो जाए।
1 कुरिन्थियों 8:9

हम 1 कुरिन्थियों 8:9-13 में पढ़ते हैं कि कुछ लोग मूर्तियों को बलि चढ़ाए गए मांस को खाने से नाराज़ हुए थे। पौलुस ने उन्हें “भाइयों” कह के संबोधित किया क्योंकि वे विश्वासी और नया जन्म पाए हुए लोग थे। उनके पास पवित्र आत्मा था। समस्या यह थी कि वे अभी भी अपने पुराने वाले जीवन से पीड़ित थे। इसलिए जब उन्होंने मांस देखा तब मूर्तियों को भी उस मांस के आगे देखते थे। वे उस पुरानी संस्कृति और जीवन शैली से तो मुक्त हो गए थे, लेकिन वे आध्यात्मिक रूप से प्रगति करने के लिए अपनी सोच में स्वतंत्र नहीं थे।

आज हमारी पुरानी मूर्तियाँ आमतौर पर लकड़ी और पत्थर की मूर्तियाँ नहीं होती हैं। एक मूर्ति कोई पुराना मनोरंजन हो सकता है जिसे परमेश्वर चाहता है कि आप उसे छोड़ कर परमेश्वर को अधिक समय दें। यह एक ऐसी आदत हो सकती है जिसे आपने छोड़ दिया है लेकीन वो वापस आने की कोशिश करती रहती है। यदि आप मसीह में आने के बाद अपने मन में स्वतंत्र नहीं हैं, तो आपका खाना भी बंधन बन सकता है। जब आप स्वतंत्र होते हैं, तो आपके मन को भी आपके साथ स्वतंत्र होना चाहिए।

पौलुस ने घोषणा की कि यदि कोई बात दूसरों को पाप करने से रोक सकती है तो ऐसा करने के लिए वह स्वतंत्रता से समझोता भी करने को तैयार है। “यद्यपि मैं स्वतंत्र हूँ और किसी का नहीं हूँ, फिर भी मैं अपने आप को सबका दास बनाता हूँ, ताकि अधिक से अधिक लोगों को जीत सकूँ” (1 कुरिन्थियों 9:19)। अपनी स्वतंत्रता के बाबजूद, पौलूस ने दूसरों की सेवा को अपनी इच्छाओं से ऊपर रखा। वह वहाँ पहुंचा जहां उत्पीड़ित लोग थे और सत्य के माध्यम से उन्हें स्वतंत्रता दिलाई। जिम्मेदारी के बिना कोई सच्ची स्वतंत्रता नहीं है।

मसीह में आपका भाई,
प्रेरित अशोक मार्टिन

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top
Call Now Button