गुरुवार // 8 फरवरी 2023

पृथ्वी मनुष्यों को दी गई है!
स्वर्ग तो यहोवा का है, परन्तु पृथ्वी उस ने मनुष्यों को दी है।
भजन 115:16
पृथ्वी पर परमेश्वर द्वारा किए गए हर काम में किसी न किसी मनुष्य की आवश्यकता ज़रूर रही है। जलप्रलय में इंसानों को बचाने के लिए, उसे नूह की आवश्यकता थी। अपनी एक निज प्रजा के निर्माण के लिए, उसे इब्राहीम की आवश्यकता थी। इस्राएल राष्ट्र का नेतृत्व करने के लिए उसे मूसा की आवश्यकता थी। इस्राएल को बन्धुवाई से वापस लाने के लिए उसे दानिय्येल की आवश्यकता थी। यरीहो को हराने के लिए उसे यहोशू की जरूरत थी। इब्रानियों की संरक्षण के लिए, उसे एस्तेर की आवश्यकता थी। इसीलिए मानव जाति के उद्धार के लिए, परमेश्वर को स्वयं मनुष्य बनने की आवश्यकता थी।
जॉन वेस्ले ने एक बार कहा था, “परमेश्वर प्रार्थना के उत्तर के अलावा कुछ नहीं करता है।” इसलिए प्रार्थना मनुष्यों के लिए एक विकल्प नहीं बल्कि एक आवश्यकता है। यदि हम प्रार्थना नहीं करते हैं, तो स्वर्ग कभी भी पृथ्वी के मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। यह जरूरी है कि हम पृथ्वी की जिम्मेदारी लें और अपने प्रार्थना जीवन से यह सुनिश्चित करें कि पृथ्वी पर क्या क्या घटित होगा?
पृथ्वी पर अपनी शक्ति और अधिकारों का इस्तेमाल करें और अपने आप को पृथ्वी के मामलों में स्वर्गीय प्रभाव डालने के लिए एक अच्छा माध्यम बनने की तैयारी करें। स्वर्ग आप पर निर्भर है, और पृथ्वी को आपकी ज़रूरत है। स्वर्ग को आपके माध्यम से पृथ्वी पर प्रभाव डालने का लाइसेंस मिलता है। यदि आप प्रार्थना के उद्देश्य और शक्ति को समझेंगे तो आप बदलाव ला सकते हैं और इतिहास तथा भविष्य की दिशा एवं दशा बदल सकते हैं।
मसीह में आपका भाई,
प्रेरित अशोक मार्टिन