ASHOK MARTIN MINISTRIES

“युद्ध यहोवा का है।”


*दिन 12 – जब स्वर्ग आपके लिए युद्ध करता है*

मसीह में प्रिय संतों, जय यीशु मसीह की 🙏

आज हम मिलते हैं *उस परमेश्वर से जो न केवल आपको बुलाता है, बल्कि आपके लिए युद्ध भी करता है।* विश्वास की यात्रा कभी भी संघर्ष से रहित नहीं होती — परंतु हर युद्ध यह दिखाता है कि *जो आपके साथ चलता है, उसकी सामर्थ्य कितनी महान है।*

कभी-कभी बात इस बात की नहीं होती कि *आप कितने सामर्थी हैं,* बल्कि इस बात की होती है कि *आपके साथ कौन खड़ा है।* जब स्वर्ग युद्ध करता है, *तो विजय निश्चित हो जाती है।* ✨

*आज का पाठ:*

• *निर्गमन 1–5* — इस्राएल की दासता, मूसा का बुलावा, और उद्धार की शुरुआत

• *भजन संहिता 12* — भ्रष्ट संसार में धर्मियों की रक्षा करने वाला परमेश्वर

• *मरकुस 9–10* — रूपांतर, बालक जैसी नम्रता, और यीशु का अनुसरण करने की कीमत

• *रोमियों 12* — जीवित बलिदान और बुराई पर भलाई से जय पाना

*“युद्ध यहोवा का है।”*

> “अब जा, मैं तेरे मुख के संग हो कर जो तुझे कहना होगा वह तुझे सिखलाता जाऊंगा।” — *निर्गमन 4:12*

*निर्गमन 1–5* दुःख से आरंभ होता है — परमेश्वर के लोग उत्पीड़न के बोझ तले कराह रहे हैं। परंतु उद्धार के काम शुरू होने से पहले, *एक उद्धारकर्ता तैयार किया जाता है।* मूसा को परमेश्वर जंगल में मिलता है — राजमहल में नहीं। जलती हुई झाड़ी *एक पवित्र क्रांति की शुरुआत बन जाती है।*

जब मूसा झिझकता है, तब परमेश्वर उसे आश्वस्त करता है: *“मैं तेरे संग रहूँगा।”* यही वादा स्वतंत्रता की नींव बन गया। शायद आप स्वयं को अयोग्य या निर्बल महसूस करते हों — पर जब परमेश्वर बुलाता है, *वह सामर्थ्य भी देता है।*

*भजन संहिता 12* में दाऊद संसार की कपटता और अन्याय की शिकायत करता है — फिर भी कहता है, *“यहोवा का वचन शुद्ध है।”* जब संसार के वादे टूट जाते हैं, तब भी *परमेश्वर का वचन अटल रहता है।*

*मरकुस 9–10* में हम देखते हैं कि यीशु का रूपांतर होता है — उसकी महिमा प्रकट होती है। चेले विस्मय में पड़ जाते हैं और सीखते हैं कि *महिमा का मार्ग नम्रता से होकर जाता है।* बाद में यीशु कहता है, *“जो बड़ा होना चाहता है, वह सेवक बने।”* परमेश्वर के राज्य में *सबसे बड़ी विजय आत्मसमर्पण से मिलती है।*

*रोमियों 12* हमें बुलाता है कि हम जीवित बलिदान बनें — *बुराई पर भलाई से, घृणा पर प्रेम से, और अभिमान पर नम्रता से जय प्राप्त करें।* जब आप बुराई का बदला बुराई से नहीं लेते, *तो स्वयं स्वर्ग आपके युद्ध में उतर आता है।*

प्रियजन, आप अकेले नहीं लड़ रहे हैं। हर बार जब आप भय के बजाय आज्ञाकारिता चुनते हैं, जब आप घबराने की जगह प्रार्थना करते हैं — *दूत आपके लिए युद्ध करने लगते हैं।* 

आपका दर्द परमेश्वर की अनुपस्थिति का प्रमाण नहीं — बल्कि *उसकी शक्ति का मौका है।* वही परमेश्वर जिसने मूसा को बुलाया, आज आपको भी बुला रहा है — *खड़े होने, बोलने और चमकने के लिए।* 

💬 *आज विश्वास से घोषणा करें:* “यहोवा मेरे लिए युद्ध करता है! मेरी कमजोरी उसकी सामर्थ्य का हथियार है। मेरी आज्ञाकारिता ही मेरी विजय है। मैं जीवन के फिरऔनों से नहीं डरूँगा, क्योंकि मेरा परमेश्वर हर बंधन से बड़ा है!” 

मसीह में आपका भाई,

प्रेरित अशोक मार्टिन

📖 जब आप आज का पाठ समाप्त करें, तो ग्रुप में 👍 भेजें और घोषणा करें — *“स्वर्ग मेरे लिए युद्ध कर रहा है, और मैं कभी नहीं डगमगाऊँगा!”*

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