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तुम्हारी कमर कसी रहे और तुम्हारे दीपक जलते रहें।” लूका 12:35

*सजगता*

“तुम्हारी कमर कसी रहे और तुम्हारे दीपक जलते रहें।” लूका 12:35

पवित्रात्मा के अनुसार चलने के लिए सजगता बहुत जरूरी है। सजगता जागरूकता से अधिक तेज होती है। सजगता(Alertness) का मतलब है सतर्क या चौकन्ना रहना।यह ज़्यादातर तुरंत प्रतिक्रिया और सावधानी से जुड़ा होता है। जबकि जागरूकता(Awareness) का मतलब है किसी विषय के बारे में ज्ञान या समझ होना। इसमें व्यक्ति को सही जानकारी और समझ होती है कि क्या सही है, क्या गलत है। 

पवित्रात्मा के प्रति कई लोग जागरूक तो हैं लेकिन सजग नहीं है। जिसके कारण वो पवित्रात्मा के प्रति तुरंत प्रतिक्रिया और सावधानी नहीं दिखा पाते हैं। जागरूकता व्यर्थ है यदि  सजगता नहीं है। यदि महज ज्ञान है और समझदारी है कि पवित्रात्मा बोलता है लेकिन जब वो बोले उसके प्रति तुरंत प्रतिक्रिया और सावधानी न बरती जाए तो फिर जागरूकता किस काम की…?

आप सतर्क रहें और मन में रखें कि पवित्रात्मा आपसे किसी भी समय बोल सकता है। खाने के समय, नहाने के समय, किसी से बात करते समय। यात्रा के दौरान। यहां तक कि जब आपका मूड खराब हो तब भी वो बोल सकता है। यदि आप सतर्क नहीं है तो आप चूक जाएंगे। 

यीशु का ये कहना कि जागते रहो या तुम्हारी कमर कसी रहे तुम्हारे दीपक जलते रहें। या पतरस का कहना कि जागते रहे। या पौलुस का कहना कि जागते रहो इसका एक ही अर्थ था कि तुरंत प्रतिक्रिया देने के प्रति सावधान रहें। जिससे आप उस क्षण को मिस न करें जब पवित्रात्मा बोलता है और इस प्रकार उसके अनुसार चल सकें। 

यदि आपको संदेश समझ में आए तो 👍 द्वारा सहमति जरूर दें। 

मसीहा में आपका भाई,

प्रेरित अशोक मार्टिन।

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