
*मनुष्य को पवित्रआत्मा के अनुसार चलना जरूरी है।*
> “पर मैं कहता हूँ, आत्मा के अनुसार चलो, तो तुम शरीर की अभिलाषा को किसी रीति से पूरी न करोगे।”गलातियों 5:16
यीशु मसीह जो सभी मनुष्यों के उद्धारकर्ता हैं… जिनके मनुष्यों के मध्य कदम रखने से लेकर वापस स्वर्ग जाने तक पवित्रात्मा के साथ और सहयोग और अगुवाई को देखा जा सकता है। इसको हम मसीह का सफल जीवन कह सकते हैं, और था भी। क्योंकि साढ़े 3 साल में कोई ऐसा दिन नहीं था जिसमें वो कभी हारा या निराश हुआ। या बिन उपाय छोड़ा गया। न कभी खाने की कमी रही। न शुल्क चुकाने की कमी। क्या दुश्मन और क्या चुनौतियां। क्या धमकियां… सबमें यीशु को स्थिर खड़ा देखकर चेलों का मनोबल बढ़ता जाता था। आश्चर्य चकित भी थे कि जैसी परिस्थितियों से यीशु गुजरे उनमें आम इंसान हार जाते हैं। लेकिन यीशु का मृत्यु तक स्थिर रहना और मृत्युपरांत जी उठना चेलों को विश्वास में बढ़ाता गया।
ये सब पवित्रात्मा के अनुसार चलने से ही संभव हुआ था। पवित्रात्मा से लोग भरना चाहते हैं लेकिन भरना बाद में डिसाइड होता है जब पहले चलना डिसाइड होता है। क्या आप पवित्रात्मा के अनुसार चलते हैं? बाइबिल कहती है कि आत्मा ने यीशु को जंगल की ओर भेजा…*मरकुस 1:12 आत्मा ने तुरन्त उस को जंगल की ओर भेजा। मति 4:1* कहता है कि *आत्मा यीशु को जंगल में ले गया।* इसका मतलब जब भेजा तो यीशु गया और आत्मा ले गया..याद करें इसके पहले कि यीशु पवित्र आत्मा से भरा हुआ गलील को लौटा और चर्चा फैल गई वाली बात होने से पहले *लूका 4:14*, या यीशु के ये कहने के पूर्व कि पवित्रात्मा मुझ पर है *लूका 4:18…* इसके बहुत पहले ये पाया जाता है कि यीशु आत्मा की सुनते थे… इगनोर नहीं करते थे… यही कारण बना कि परमेश्वर को ये भाया कि यीशु पवित्रात्मा से भरे गए। *प्रेरितों के काम 10:38* कहता है कि परमेश्वर ने किस रीति से यीशु नासरी को पवित्र आत्मा और सामर्थ से अभिषेक किया: वह भलाई करता, और सब को जो शैतान के सताए हुए थे, अच्छा करता फिरा; क्योंकि परमेश्वर उसके साथ था।*
मेरे प्रियों अक्सर आत्मा की न मानना आत्मा से न भरने की वजह बनता है। आत्मा की मानना क्या है? वो धीरे से छोटी छोटी बातें आपके मन में डालकर अपने प्रति आपकी विश्वासयोग्यता को परखता है। जब मनुष्य इसमें असफल होते हैं तो वो भरोसा नहीं करता है और इस प्रकार आत्मा से भरने की बात टलती जाती है और दूर होती जाती है। टाइम लगता जाता है या फिर वो टाइम कभी नहीं आता है।
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मसीह में आपका भाई,
प्रेरित अशोक मार्टिन।