
DAY 42 —
*अडिग सत्य, निष्कपट प्रेम और अटल तैयारी के लोग बनो*
> “तुम्हारा मन व्याकुल न हो; परमेश्वर पर विश्वास रखो और मुझ पर भी विश्वास रखो।” — यूहन्ना 14:1
परमेश्वर अपने लोगों को शुद्ध उपासना और न्यायपूर्ण नेतृत्व के लिए बुलाता है — *व्यवस्थाविवरण 17–20* पुकार कर कहता है: अलग चलो। पवित्रता में चलो। साहस से चलो।
*भजन संहिता 74–77* संकट में पुकारता है, पर इस सत्य पर टिके रहता है: *जब तुम उसकी राह न समझ पाओ, तब भी उसके सामर्थ्य पर भरोसा रखो।*
*यिर्मयाह 7–9* चेतावनी देता है: *केवल धार्मिक शब्द नहीं — आज्ञाकारी हृदय चाहिए।* परमेश्वर भीतर की सच्चाई चाहता है।
*यूहन्ना 13–14* आज्ञा देता है: यीशु जैसे प्रेम करो। यीशु जैसे सेवा करो। यीशु जैसे भरोसा करो।
*1 थिस्सलुनीकियों 5* स्मरण दिलाता है: जागते रहो। सजग रहो। और उसके आगमन के लिए तैयार रहो।
मसीही में आपका भाई,
प्रेरित अशोक मार्टिन
*आज का बाइबल पाठ*
1️⃣ व्यवस्थाविवरण 17–20
2️⃣ भजन संहिता 74–77
3️⃣ यिर्मयाह 7–9
4️⃣ यूहन्ना 13–14
5️⃣ 1 थिस्सलुनीकियों 5
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