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हमारा महायाजक जो हमें अनदेखा नहीं कर सकता!

*हमारा महायाजक जो हमें अनदेखा नहीं कर सकता!*

_क्योंकि हमारा ऐसा महायाजक नहीं जो हमारी दुर्बलताओं को न समझ सके; परन्तु वह सब बातों में हमारे समान परखा तो गया, तौभी निष्पाप रहा। इब्रानियों 4:15_

यूहन्ना के सुसमाचार के अध्याय 9 में एक ऐसे व्यक्ति की कहानी बताई गई है जिसके पास निश्चित रूप से कोई सांसारिक धन-संपत्ति नहीं थी और जिस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। उसने अपना पूरा जीवन में बिताया था। वह बस ध्यान देने योग्य नहीं था। वह अंधा था; वह एक भिखारी था।

एक बार यात्रा के दौरान, जब हम एक चौराहे से गुजर रहे थे, मैंने देखा कि एक बूढ़ा व्यक्ति पुरानी वर्दी पहने हुए सड़क के किनारे खड़ा था, और उसने एक बोर्ड पकड़ा हुआ था जिसमें लिखा था: “खाने के लिए काम करूंगा।” लगभग सभी लोग जो सिग्नल बदलने का इंतज़ार कर रहे थे, वे उससे नज़रें फेर लेते थे। कुछ फेरीवाले उसे कुछ खाने के लिए दे देते। लेकिन ज़्यादातर लोग उसे अनदेखा करते थे। ऐसा ही जीवन था उस व्यक्ति का जिसके बारे में यूहन्ना ने लिखा था! लोग जब गुज़रते थे तब दूसरी तरफ़ देखने की कोशिश करते थे; वह उनका ध्यान खींचने के लिए कुछ करने की कोशिश करता था। उस लाचार को तो अनदेखा किए जाने की आदत थी। यह काम जो वो करता था वह अपनी जीविका के लिए करता था।

इस भिखारी के लिए, हर नया व्यक्ती एसी ही भीड़ का हिस्सा था जो उसे अनदेखा करते थे। लेकिन यीशु के लिए ऐसा नहीं था। इस घटना के पहले शब्द हैं कि _“मार्ग में येशु ने एक मनुष्‍य को देखा, जो जन्‍म से अन्‍धा था।_ यह इस कहानी का पहला चमत्कार है। यहाँ एक व्यक्ति न केवल अंधा है, बल्कि अदृश्य भी है। कितने साल हो गए थे किसी इंसान ने इस व्यक्ति की ओर अपना चेहरा फेरा हो? लेकिन यीशु, जिसके पास, आखिरकार, जाने के लिए कई जगहें और करने के लिए कई काम थे (_“जब वह आगे बढ़ रहा था …”_) उसने वास्तव में उसे देखा। यीशु ने निर्भरता और गुमनामी में जीए गए इसके जीवन की पीड़ा और निराशा को देखा। यीशु ने एक ऐसे जीवन की निराशा को देखा जो न खत्म होने वाली रात में जीया जाता था, उसके जिंदगी में कभी सुबह नहीं होती थी।

यीशु जैसा कभी किसी ने नहीं देखा। हमारा उद्धारकर्ता हमारा महायाजक है जो हमें अनदेखा नहीं कर सकता। वह ध्यान देता है कैसे एक राई का बीज बढ़ता हैं । कैसे खमीर फैलता है। उसने हर छिपे हुए दुख और अन्याय को देखा। जब आपका मज़ाक उड़ाया जाता है और आपको बुरा-भला कहा जाता है; उसने आपको देखा जब आप बड़े हो रहे थे और अब आप अपनी उम्र तक पहुँच चुके लेकिन लोगों ने पूरी जिंदगी बस आपको हर जगह अनदेखा ही किया। आप जो कुछ भी कर रहे हैं। उसने आप पर ध्यान दिया है। आपके मसीहा की तरह किसी ने आपको कभी नहीं देखा।

मसीह में आपका भाई,
प्रेरित अशोक मार्टिन

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