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अपने संसार को आज्ञा दो!

*अपने संसार को आज्ञा दो!*

`विश्‍वास द्वारा हम जान लेते हैं कि परमेश्‍वर के शब्‍द द्वारा विश्‍व का निर्माण हुआ है और अदृश्‍य से दृश्‍य की उत्‍पत्ति हुई है।इब्रानियों 11:3`

संसार परमेश्वर के आदेश पर बनाया गया था। दुनियाएँ बनाई गईं, गढ़ी गईं, ढाँचे में ढाली गईं और परमेश्वर के आदेश के अनुसार अस्तित्व में आईं। जब परमेश्वर ने अपना आदेश सुनाया, तो दुनियाएँ अचानक स्थापित हो गईं और अस्तित्व में आ गईं। परमेश्वर ने अदृश्य और शाश्वत क्षेत्र से बात की, और उनके आदेश ने चीज़ों को दृश्य क्षेत्र में प्रकट किया।

जीवन में चीज़ें हमारे साथ नहीं होतीं, लेकिन हमें जीवन में चीज़ें करने के लिए बुलाया जाता है। परमेश्वर ने अपने लोगों को प्रभुत्व के माध्यम से राजसी अधिकार और विधायी शक्ति दी है। आप अपने मुँह से जो आदेश देते हैं, उसके अनुसार आप जीते हैं। दूसरे शब्दों में, आप आज जो आदेश देते हैं, कल आप उसी वास्तविकता में जीएँगे। बाइबल कहती है कि _“जीभ के वष में मृत्यु और जीवन दोनों होते हैं”_ (नीतिवचन 18:21) और _“सही वचन कितने प्रभावशाली होते हैं”_ (अय्यूब 6:25)। हमारे मुँह से निकले आदेश प्रभावशाली, शक्तिशाली हो सकते हैं और हमें महानता या फिर असफलता के लिए तैयार कर सकते हैं।

हमारी जीभ के माध्यम से जारी किया गया परमेश्वर का वचन हमारे जीवन में उसकी शक्ति को प्रकट करेगा। यहाँ तक कि यीशु ने अपने शिष्यों को भी सिखाया कि हमारा विश्वास हमारे शब्दों के माध्यम से जारी होता है (मरकुस 11:23)। हमारे विश्वास से भरे शब्द पहाड़ों को हिलाने वाले हैं! जीवन की परिस्थितियों और अप्रत्याशित घटनाओं के बावजूद, आपको प्रभुत्व रखने और परमेश्वर की महिमा के लिए इसका उपयोग करने के लिए बनाया गया है। प्रतिदिन अपने प्रति परमेश्वर के विचारों को जानने से आपके अंदर का सोया हुआ आत्मिक व्यक्ती बलवंत होगा और आप विश्वास की बड़ी छलांग लगाएँगे।

मसीह में आपका भाई,
प्रेरित अशोक मार्टिन

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