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‘सहमति’ की शक्ति!

सोमवार // 25 मार्च 2024

‘सहमति’ की शक्ति!

फिर मैं तुम से कहता हूं, यदि तुम में से दो जन पृथ्वी पर किसी बात के लिये जिसे वे मांगें, एक मन के हों, तो वह मेरे पिता की ओर से स्वर्ग में है उन के लिये हो जाएगी।
(मत्ती 18:19)

‘सहमत’ शब्द का असल अनुवाद ग्रीक शब्द ‘समफोनो’ है; अंग्रेजी में इसका पर्याय है “सिम्फनी”। ‘सन’+‘फोन’ = “सिम्फनी” ! ‘सन’ का अर्थ है ‘साथ’, यानी एक से अधिक चीजों का एक साथ आना और ‘फोन’ का अर्थ है ‘स्वर या ध्वनि’।

सहमति वाली प्रार्थना की ध्वनियाँ परमेश्वर के राज्य की एक कुंजी है । स्वर्ग का प्रकाश इस दुनिया के अंधकार में सिम्फ़ोनिक ध्वनि के कारण चमकता है। जब विश्वासियों के बीच पृथ्वी पर सहमति होती है, तो ध्वनि की एक सिम्फनी निकलती है, और यह स्वर्ग से प्रतिक्रिया को उत्तेजित करती है। ध्वनियों के इस प्रभाव से पृथ्वी के अंधकार में प्रकाश फूट पड़ता है। असल में परमेश्वर इस पृथ्वी पर यही कर रहे हैं।

धरती पर मसीह की देह से उठने वाली ध्वनियों का प्रभाव इस अंतिम घड़ी के लिए एक नया अभिषेक जारी कर रहा हैं। ये ध्वनियाँ वातावरण में प्रकाश छोड़ती हैं, और परमेश्वर प्रकट होते हैं। परमेश्वर कहते हैं कि अगर कोई दो लोग उनके नाम पर किसी भी चीज़ को एक साथ छूने के लिए सहमत होंगे – यानी जब भी वे सहमति द्वारा अपने अभिषेक को जोड़ सिम्फोनिक ध्वनि जारी करेंगे – तो उन के लिये वो बात हो जाएगी। यह एक प्रकाशन है! एक मन और एक हृदय से की गई प्रार्थना स्वर्ग को खोलने की कुंजी है।

मसीह में आपका भाई,
प्रेरित अशोक मार्टिन

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